
अजीत मिश्रा (खोजी)
संतकबीरनगर: पूर्व विधायक ताबिश खान और भाई को 3-3 साल की जेल, पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में MP/MLA कोर्ट का बड़ा फैसला
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश
- न्याय का डंडा: संतकबीरनगर के पूर्व विधायक ताबिश खान को 3 साल का कारावास, कोर्ट बोला— ‘कानून हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं’।
- संतकबीरनगर: पूर्व विधायक ताबिश खान और भाई इफ्तेखार को 3-3 साल की सजा।
- मेहदावल के पूर्व विधायक ताबिश खान को जेल, 2016 के मारपीट मामले में फैसला।
- MP/MLA कोर्ट का फैसला: पूर्व विधायक को 3 साल की जेल और आर्थिक दंड।
- सत्ता की हनक पर कानून का प्रहार: थाना परिसर में सिपाही को पीटने वाले पूर्व विधायक को कोर्ट ने भेजा जेल।
- बस्ती मंडल हलचल: पूर्व विधायक ताबिश खान को सजा, संतकबीरनगर की राजनीति में आया भूचाल।
संतकबीरनगर। जनपद की विशेष MP/MLA कोर्ट ने शुक्रवार को एक बेहद कड़े और ऐतिहासिक फैसले में मेहदावल के पूर्व बसपा विधायक मोहम्मद ताबिश खान और उनके भाई इफ्तेखार को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) चेतना त्यागी की अदालत ने यह फैसला वर्ष 2016 के एक बहुचर्चित मारपीट मामले में सुनाया है।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद वर्ष 2016 का है, जब जनपद में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म था। आरोप था कि धर्मसिंहवा थाने में तैनात कांस्टेबल कमाल अहमद के साथ पूर्व विधायक और उनके भाई ने रंजिश के चलते मारपीट की थी। इतना ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता करते हुए उनकी वर्दी तक फाड़ दी गई थी। इस घटना ने उस समय काफी तूल पकड़ा था और पुलिस प्रशासन की साख दांव पर लग गई थी।
अदालत की तल्ख टिप्पणी
फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी ने जनप्रतिनिधियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा:
“एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का दायित्व कानून की रक्षा करना होता है। थाना परिसर के भीतर कानून को हाथ में लेना और सरकारी कार्य में बाधा डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे कृत्यों से समाज में गलत संदेश जाता है।”
सजा और आर्थिक दंड
अदालत ने दोनों भाइयों को दोषी करार देते हुए 3-3 साल की जेल के साथ-साथ उन पर आर्थिक दंड भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
जिले में मची राजनीतिक हलचल
विशेष अदालत के इस फैसले के बाद संतकबीरनगर सहित पूरे बस्ती मंडल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व विधायक को सजा मिलने से उनके समर्थकों में जहां मायूसी है, वहीं प्रशासनिक हलकों में इसे कानून की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर आगामी स्थानीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

















